शुक्रवार को एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल बलीपुर गांव जाएगा। गृह सचिव कमल सक्सेना ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि कार्मिक मंत्रालय की अधिसूचना के बाद सीबीआइ ने मुकदमा दर्ज कर केस टेकओवर कर लिए हैं। जांच प्रक्रिया के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अब सीबीआइ इस मामले में अधिकृत जांच एजेंसी है और जो कुछ भी करना है वही करेगी। उन्होंने बताया कि सीबीआइ ने हिंदी और अंग्रेजी में मुकदमे की प्रतिलिपि मांगी थी जिसे मुहैया करा दिया गया है। सीबीआइ ने चार आपराधिक मामलों में पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया समेत 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद अब सीबीआइ साक्ष्य जुटाने में लगी है। यद्यपि डीएसपी का मोबाइल, उनको लगी गोली और सर्विस रिवॉल्वर अभी तक नहीं मिल सके हैं, जबकि जांच को सही दिशा देने के लिए सीबीआइ को सबसे पहले इन्हीं साक्ष्यों की जरूरत है। सीबीआइ के एक अधिकारी ने घटना से जुड़े प्रमुख आरोपियों और डीएसपी की कॉल डिटेल निकालने के निर्देश दे दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ टीम के साथ फोरेंसिक लैब के वैज्ञानिक घटनास्थल पर मिटाए गए साक्ष्यों की तहकीकात भी करेंगे। क्या था घटनाक्रम : प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव में दो मार्च को ग्राम प्रधान नन्हे यादव की जमीनी विवाद में हत्या कर दी गई। गांव में नन्हे यादव का शव लेने जब पुलिस पहंुची तो उपद्रव शुरू हो गया और पुलिस कर्मी पलायन कर गए। करीब दो घंटे बाद गांव में डीएसपी कुंडा जियाउल हक और ग्राम प्रधान के भाई सुरेश यादव के शव बरामद हुए। हमलावर सीओ का मोबाइल और सर्विस रिवॉल्वर लेकर फरार हो गए थे। अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि पहले डीएसपी की मौत हुई या सुरेश यादव की। यह भी रहस्य बना है कि दोनों को किसने मारा? डीएसपी की पत्नी परवीन ने अपने पति की हत्या के षड्यंत्र का आरोप राजा भैया पर लगाया है। परवीन की तहरीर पर पुलिस ने तीन मार्च को राजा भैया के खिलाफ हत्या के षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज किया। उसी के बाद उन्हें उप्र मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा।
Thursday, 7 March 2013
सीबीआइ ने कुंडा कांड में दर्ज किए चार केस
शुक्रवार को एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल बलीपुर गांव जाएगा। गृह सचिव कमल सक्सेना ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि कार्मिक मंत्रालय की अधिसूचना के बाद सीबीआइ ने मुकदमा दर्ज कर केस टेकओवर कर लिए हैं। जांच प्रक्रिया के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अब सीबीआइ इस मामले में अधिकृत जांच एजेंसी है और जो कुछ भी करना है वही करेगी। उन्होंने बताया कि सीबीआइ ने हिंदी और अंग्रेजी में मुकदमे की प्रतिलिपि मांगी थी जिसे मुहैया करा दिया गया है। सीबीआइ ने चार आपराधिक मामलों में पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया समेत 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद अब सीबीआइ साक्ष्य जुटाने में लगी है। यद्यपि डीएसपी का मोबाइल, उनको लगी गोली और सर्विस रिवॉल्वर अभी तक नहीं मिल सके हैं, जबकि जांच को सही दिशा देने के लिए सीबीआइ को सबसे पहले इन्हीं साक्ष्यों की जरूरत है। सीबीआइ के एक अधिकारी ने घटना से जुड़े प्रमुख आरोपियों और डीएसपी की कॉल डिटेल निकालने के निर्देश दे दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ टीम के साथ फोरेंसिक लैब के वैज्ञानिक घटनास्थल पर मिटाए गए साक्ष्यों की तहकीकात भी करेंगे। क्या था घटनाक्रम : प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव में दो मार्च को ग्राम प्रधान नन्हे यादव की जमीनी विवाद में हत्या कर दी गई। गांव में नन्हे यादव का शव लेने जब पुलिस पहंुची तो उपद्रव शुरू हो गया और पुलिस कर्मी पलायन कर गए। करीब दो घंटे बाद गांव में डीएसपी कुंडा जियाउल हक और ग्राम प्रधान के भाई सुरेश यादव के शव बरामद हुए। हमलावर सीओ का मोबाइल और सर्विस रिवॉल्वर लेकर फरार हो गए थे। अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि पहले डीएसपी की मौत हुई या सुरेश यादव की। यह भी रहस्य बना है कि दोनों को किसने मारा? डीएसपी की पत्नी परवीन ने अपने पति की हत्या के षड्यंत्र का आरोप राजा भैया पर लगाया है। परवीन की तहरीर पर पुलिस ने तीन मार्च को राजा भैया के खिलाफ हत्या के षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज किया। उसी के बाद उन्हें उप्र मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा।
Labels:
Politics News
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment